तीन साल भ्रष्टाचारी मालामाल

योगी सरकार के तीन साल पूरे हो गए हैं। मार्च 2017 में सत्ता में आते ही योगी सरकार ने भ्रष्टाचार को सिरे से उखाड़ने का दावा किया था। पर इन तीन सालों में सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचारी खूब फले फूले। अवैध खनन हो या मिड डे मील या गड्डा मुक्त सड़कें करने का अभियान, हर विभाग में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरो का जाल फैला है। शिक्षा विभाग में फर्नीचर खरीद के घोटाले सामने आ रहें हैं तो कहीं किताबों, स्वेटर और जूते खरीद में लाखों करोड़ों के घोटाले अखबार की सुर्खी बन रहें हैं। पॉवर कारपोरेशन का पीएफ घोटाला उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े घोटाले के रूप में सुर्ख़ियों में रहा है। अनाज कालाबाजारी में प्रदेश अव्वल है। केंद्रीय मंत्री खुद लोकसभा में स्वीकारते हैं कि पीडीएस में भ्रष्टाचार की कुल 807 शिकायतें मिली हैं जिनमें सबसे अधिक 328 शिकायतें उत्तर प्रदेश से आई हैं। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात कहने वाली योगी सरकार में फिलहाल भ्रष्टाचार का ही बोलबाला है।

Ghatna 7