स्वास्थ्य सुविधा बदहाल

सरकारी अस्पतालों और जन स्वास्थ्य केन्द्रों का प्रदेश में बुरा हाल है। जन स्वास्थ्य केन्द्रों के अधिकांश पद खाली पड़े हैं। चिकित्सा क्षेत्र का बजट कम हुआ है। नए खुले मिनी एम्स में ताले लटके हुए हैं। देश का दूसरा सबसे कुपोषित राज्य है यूपी। सेहत के मामले में यूपी देश में सबसे निचले पायदान पर खिसक गया है। डॉक्टरों की कमी और प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर कम खर्च राज्य की खराब सेहत के प्रमुख कारण हैं। उत्तर प्रदेश प्रति व्यक्ति की सेहत पर हर साल मात्र 733 रुपये खर्च करता है जो कि अपर्याप्त है। आइये जायजा लेते हैं प्रदेश की सेहत का